सुगनबाई के लिए मददगार बने विधायक आशीष शर्मा, निराश्रित वृद्धा को मिला उपचार और आश्रय का सहारा, अमलतास अस्पताल देवास में भर्ती;
प्रदीप साहू, Khategaon Ki News: नवरात्रि के नौ दिवसीय पावन पर्व पर जहां श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं, वहीं खातेगांव में एक निराश्रित बुजुर्ग महिला की मदद के लिए उठे कदमों ने मानवता और सेवा की भावना को सार्थक किया है। परिवार होने के बावजूद अपनों से दूर हो चुकी वृद्धा सुगनबाई को बेहतर उपचार और सुरक्षित आश्रय दिलाने के लिए खातेगांव विधायक आशीष शर्मा ने पहल की। उनके प्रयासों और अमलतास मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल देवास के प्रबंधन के सहयोग से सुगनबाई के उपचार और आगामी निवास की व्यवस्था का रास्ता खुला है।
परिवार होते हुए भी हुईं निराश्रित, वृद्धजन सेवा केंद्र ने दिया सहारा
सुगनबाई का परिवार नाती-पोतों, बेटे-बहू और बेटी-दामाद से भरा होने के बावजूद उन्हें जीवन के कठिन दौर में सहारे की जरूरत पड़ी। ऐसी परिस्थिति में 1 फरवरी 2026 से वरिष्ठ नागरिक सेवा जनकल्याण संस्था द्वारा जनसहयोग से संचालित वृद्धजन सेवा केंद्र खातेगांव ने उन्हें आश्रय दिया। शासकीय सहायता के बिना सीमित संसाधनों में संचालित इस संस्था के पदाधिकारियों ने मानवीय संवेदना के आधार पर सुगनबाई के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाई।
कुछ समय बाद सुगनबाई की तबीयत बिगड़ने पर जांच में मधुमेह और हृदय रोग सहित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का पता चला। संस्था ने उनके उपचार के लिए प्रयास किए। खातेगांव के सिविल अस्पताल, पुष्पदीप अस्पताल तथा हरदा सहित विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकीय परामर्श और जांच कराई गई।
इसके बाद 21 सितंबर से 13 अक्टूबर 2026 तक भेरूंदा स्थित भारती अस्पताल में उनका भर्ती रहकर उपचार चला। चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए उन्हें किडनी फेल्योर और गंभीर हृदय रोग के समुचित उपचार के लिए उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।
संसाधनों की कमी के बीच जारी रहे मदद के प्रयास
13 अक्टूबर को अस्पताल से वृद्धजन सेवा केंद्र लौटने के बाद सुगनबाई के आगे उपचार और स्थायी आश्रय की व्यवस्था करना संस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया। खातेगांव जैसे कस्बाई नगर में उनकी गंभीर बीमारी के उपचार की समुचित व्यवस्था जुटाना आसान नहीं था। संस्था ने बड़े वृद्धाश्रमों और अन्य संस्थानों से भी सहयोग की गुहार लगाई, लेकिन विभिन्न नियमों और व्यवस्थागत सीमाओं के चलते बात नहीं बन पाई।
एक ओर गंभीर बीमारी से जूझती वृद्धा का दर्द था, तो दूसरी ओर सीमित संसाधनों वाली संस्था की विवशता। इसके बावजूद संस्था ने प्रयास जारी रखे और अंततः अमलतास मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल देवास द्वारा संचालित ओल्ड एज होम की जानकारी मिली।
विधायक आशीष शर्मा की पहल से खुला मदद का रास्ता
सुगनबाई की गंभीर स्थिति और उन्हें डायलिसिस सहित आवश्यक उपचार तथा सुरक्षित निवास उपलब्ध कराने की जरूरत को देखते हुए खातेगांव विधायक आशीष शर्मा ने अमलतास अस्पताल के संचालक से संपर्क कर सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने निराश्रित और बेसहारा वृद्धा की परिस्थितियों से अस्पताल प्रबंधन को अवगत कराते हुए उनके उपचार एवं रहवास की व्यवस्था करने की आवश्यकता बताई।
विधायक की पहल पर अस्पताल प्रबंधन ने सकारात्मक सहयोग का भरोसा दिया। इसके बाद नवरात्रि के नौ दिवसीय पर्व के समापन और मां दुर्गा की आराधना के पावन अवसर पर सुगनबाई को बेहतर उपचार एवं सुरक्षित आश्रय की उम्मीद के साथ वृद्धजन सेवा केंद्र खातेगांव से अमलतास मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल देवास के लिए रवाना किया गया।
अस्पताल में सुगनबाई को भर्ती कर लिया गया है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि आवश्यक उपचार के बाद अमलतास के ओल्ड एज होम में उनके रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
सेवा और संवेदना का संदेश
सुगनबाई की यह कहानी समाज के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल भी रखती है कि परिवार और समाज के बीच रहने वाले बुजुर्गों को यदि जीवन के अंतिम पड़ाव पर सहारे की जरूरत पड़े, तो उनकी मदद के लिए कौन आगे आएगा? वृद्धजन सेवा केंद्र खातेगांव ने सीमित संसाधनों के बावजूद उन्हें आश्रय देकर सेवा का परिचय दिया, वहीं विधायक आशीष शर्मा की पहल और अस्पताल प्रबंधन के सहयोग से उनके उपचार तथा आगे के निवास की उम्मीद जगी है।
नवरात्रि के पावन अवसर पर सुगनबाई को उपचार और आश्रय उपलब्ध कराने की यह पहल संदेश देती है कि मां दुर्गा की आराधना तभी सार्थक होती है, जब हम असहाय, निराश्रित और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए भी आगे आएं।




