प्रदीप साहू, Khategaon Ki News: असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक विजयदशमी पर्व पर खातेगांव में उत्साह, उमंग और उल्लास का माहौल देखने को मिला। नगर परिषद खातेगांव द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी दशहरा पर्व भव्यता के साथ मनाया गया। आयोजन का मुख्य आकर्षण 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन रहा। इस अवसर पर हजारों की संख्या में नगर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों से पहुंचे नागरिक रावण दहन के साक्षी बने।
नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सारिका नरेंद्र चौधरी ने बताया कि विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नगर परिषद द्वारा प्रतिवर्ष दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक आशीष शर्मा की उपस्थिति में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण दहन के साथ ही आकाश में रंग-बिरंगी सप्तरंगी आतिशबाजी ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। आसमान में बिखरी आतिशबाजी की रोशनी से पूरा वातावरण उत्सवमय हो उठा।
समाज प्रमुखों व समाज अध्यक्ष गणो का सम्मान
दशहरा उत्सव के दौरान क्षेत्रीय विधायक आशीष शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष सारिका चौधरी, उपाध्यक्ष सरोज रवादिया, पार्षदगण एवं वरिष्ठजनों की उपस्थिति में खातेगांव क्षेत्र के विभिन्न समाजों के अध्यक्षों, समाज प्रमुखों तथा सेवा कार्यों में सक्रिय गणमान्य नागरिकों का सम्मान किया गया। अतिथियों ने शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर समाज के लिए योगदान देने वाले लोगों का अभिनंदन किया।
रावण दहन देखने उमड़े हजारों नागरिक
भव्य आयोजन को लेकर नगर परिषद द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई थीं। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने रावण दहन और आकर्षक आतिशबाजी का आनंद लिया। वहीं, रावण के सुंदर एवं विशाल पुतले के साथ सेल्फी लेने के लिए भी लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। बच्चों, युवाओं और परिवारों ने इस यादगार पल को अपने कैमरों में कैद किया।
विजयदशमी का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देते हुए हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। हजारों नागरिकों की उपस्थिति ने खातेगांव के दशहरा उत्सव को यादगार बना दिया।
जीवन में मर्यादा, त्याग और अनुशासन का पालन करना चाहिए : विधायक आशीष शर्मा
विधायक आशीष शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से हमें मर्यादा, त्याग, विनम्रता और चरित्र के अनुशासन की शिक्षा मिलती है। जीवन में अनेक प्रकार की विपत्तियां आती हैं, लेकिन जब हमारे मन में सबके हित को सर्वोपरि रखने और त्याग की भावना होती है, तब हमें भरत जैसा भाई, लक्ष्मण जैसा समर्पित सेवक और हनुमानजी जैसा महान पराक्रमी भक्त प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में मर्यादाओं का पालन करते हुए विपरीत परिस्थितियों का सामना किया और माता जानकी के सम्मान की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष किया। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी को अपने आचरण में विनम्रता बनाए रखनी चाहिए तथा मर्यादा और अनुशासन का पालन करने का सदैव प्रयास करना चाहिए।
विधायक शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना ही उनके जीवन की शिक्षाओं को सार्थक रूप से ग्रहण करना है।




